फिल्मी अंदाज में शराब तस्करी, ‘सिंघम’ बनी ट्रांस यमुना पुलिस!

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आगरा। शराब तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ऐसा तरीका अपनाया, जिसे देखकर किसी फिल्मी कहानी की याद आ जाए। हरियाणा से अवैध शराब की बड़ी खेप ट्रक में भरकर ले जाई जा रही थी। पुलिस की नजर से बचने के लिए तस्करों ने ट्रक में ऊपर से भूसे के बोरे लाद दिए और उनके नीचे शराब की पेटियां छिपा दीं। तस्करों को भरोसा था कि भूसे की आड़ में शराब की खेप आसानी से निकल जाएगी, लेकिन मुखबिर की सूचना ने उनके पूरे खेल पर पानी फेर दिया।

मुखबिर से मिली सूचना के बाद थाना ट्रांस यमुना प्रभारी हरेंद्र कुमार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसआई ऋषि कुमार और हेड कांस्टेबल अमित कुमार समेत पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। पुलिस टीम करीब दो घंटे तक लगातार चेकिंग अभियान चलाती रही।

इसी दौरान तेज रफ्तार से एक संदिग्ध ट्रक आता दिखाई दिया। पुलिस ने ट्रक को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने पुलिस के संकेत को नजरअंदाज कर ट्रक की रफ्तार बढ़ा दी। इसके बाद पुलिस टीम ने ट्रक को रोकने के लिए पीछा शुरू कर दिया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद पुलिस टीम ने ट्रक को रोक लिया।

पुलिस के मुताबिक, चालक ट्रक छोड़कर भागने की फिराक में था। इसी दौरान एसआई ऋषि कुमार ने तत्परता दिखाते हुए चालक को दबोच लिया। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर उसकी तलाशी शुरू की।

पहली नजर में ट्रक में केवल भूसे के बोरे दिखाई दे रहे थे। पुलिस को शक हुआ तो भूसे के बोरों को हटाकर गहराई से तलाशी ली गई। इसके बाद जो सामने आया, उसे देखकर पुलिस टीम भी हैरान रह गई। भूसे के नीचे शराब की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई थी। पुलिस ने करीब 415 पेटियां अवैध शराब बरामद करने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार, शराब की यह खेप हरियाणा से दूसरे राज्यों तक पहुंचाई जानी थी। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लोड की गई थी, ट्रक किसके नाम पर है और इस पूरी तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।

मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ कर शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।

भूसा बना ढाल, मुखबिरी ने खोल दिया राज

तस्करों ने शराब की पेटियों को भूसे के नीचे इस तरह छिपाया था कि बाहर से देखने पर ट्रक सामान्य माल से लदा हुआ दिखाई दे। लेकिन पुलिस को मिली सटीक सूचना और करीब दो घंटे की लगातार चेकिंग के चलते तस्करों की चाल काम नहीं आई।

इस कार्रवाई में एसआई ऋषि कुमार की भूमिका अहम रही। तेज रफ्तार ट्रक को रोकने से लेकर चालक को पकड़ने तक पुलिस टीम ने तत्परता दिखाई। अब जांच इस बात पर केंद्रित है कि 415 पेटियों की यह खेप आखिर किसके इशारे पर भेजी गई थी और शराब तस्करी का यह नेटवर्क कितना बड़ा है।

थाना ट्रांस यमुना पुलिस का कहना है कि अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और तस्करी से जुड़े लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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