बाजरा और सरसों में आगरा का दबदबा, DM मनीष बंसल ने दी फसल विविधीकरण की सलाह
कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल की अध्यक्षता में कृषि विभाग की आत्मा योजना (गवर्निंग बोर्ड), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन तथा जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, किसान नेता श्री मोहन सिंह चाहर सहित प्रगतिशील किसान और कृषि अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश के औसत से अधिक है बाजरा और सरसों की उत्पादकता
बैठक में फसलों की उत्पादकता पर चर्चा करते हुए जिला कृषि अधिकारी श्री विनोद कुमार ने आंकड़े प्रस्तुत किए:
बाजरा: 23.33 कुंतल प्रति हेक्टेयर
गेहूं: 45.33 कुंतल प्रति हेक्टेयर
सरसों: 19.40 कुंतल प्रति हेक्टेयर
अधिकारियों ने बताया कि जिले में बाजरा और सरसों की उत्पादकता राज्य के औसत से अधिक है। इस पर जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय कर्मचारियों और कृषि वैज्ञानिकों को निर्देश दिए कि वे किसानों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन दें, ताकि अन्य किसान भी नई तकनीकों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा सकें।
आलू की '3797' प्रजाति आगरा के मौसम के लिए सबसे उपयुक्त
जनपद में सबसे अधिक बोई जाने वाली आलू की किस्म पर चर्चा के दौरान किसानों ने बताया कि वे 3797 प्रजाति की बुवाई सबसे ज्यादा करते हैं।
जिला उद्यान अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आगरा की जलवायु के हिसाब से 3797 किस्म सबसे उपयुक्त है, क्योंकि विपरीत मौसम में भी यह आलू जल्दी खराब नहीं होता है।
खेती में आधुनिक यंत्र, भूमि सुधार और मत्स्य पालन पर जोर
कृषि यंत्रों का कम दरों पर उपयोग: जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि एफपीओ (FPO) को सब्सिडी पर मिले कृषि यंत्रों को स्थानीय ग्रामीणों को कम दरों पर किराए पर उपलब्ध कराया जाए।
ऊसर भूमि सुधार: भूमि संरक्षण अधिकारी श्री विकास सेठ ने बताया कि ऊसर भूमि पर मिट्टी का कटाव रोकने और समतलीकरण (Leveling) के बाद किसान अब साल में 2 फसलें ले पा रहे हैं।
मत्स्य पालन जागरूकता: सहायक निदेशक (मत्स्य) को कृषक गोष्ठियों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा किसानों को मत्स्य पालन से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा बैठक में उप कृषि निदेशक मुकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी विकास सेठ और जिले के कई प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।