'विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम' को लेकर आगरा में जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, 125 दिन का मिलेगा रोजगार, ₹300 तय हुई मजदूरी

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ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के उद्देश्य से सूरसदन प्रेक्षागृह में 'विकसित भारत–जी राम जी योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला एवं पंच सम्मेलन का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल, मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह और जनपद के समस्त ब्लॉक प्रमुखों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस सम्मेलन में जिले भर से आए पंचायत प्रतिनिधियों, बीडीओ, पंचायत सचिवों और ग्राम रोजगार सेवकों को नवीन अधिनियम के तकनीकी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

अब 100 की जगह 125 दिन का रोजगार, ₹300 प्रतिदिन मजदूरी

कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि 1 जुलाई 2026 से प्रभावी हुए 'विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम, 2025' के तहत ग्रामीण परिवारों के लिए कई बड़े सुधार किए गए हैं:

रोजगार गारंटी में बढ़ोतरी: ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है।

नई मजदूरी दर: अधिनियम के तहत अब श्रमिकों के लिए ₹300 प्रतिदिन की मजदूरी दर निर्धारित की गई है।

मुआवजा व बेरोजगारी भत्ता: काम की मांग करने पर रोजगार न मिलने की स्थिति में 'बेरोजगारी भत्ता' और मजदूरी भुगतान में देरी होने पर मुआवजे का स्पष्ट प्रावधान किया गया है।

पुराने कार्य जारी रहेंगे: वर्तमान में चल रहे मनरेगा कार्य प्रभावित नहीं होंगे और उन्हें पूर्ववत पूरा किया जाएगा, जिसके बाद नई व्यवस्था के अनुसार नए कार्य शुरू होंगे।

खेती-किसानी के समय 60 दिन नहीं होंगे काम

कृषि कार्यों और ग्रामीण रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। राज्य सरकार द्वारा बुवाई और कटाई के प्रमुख कृषि सीजन के दौरान कुल 60 दिनों की अवधि निर्धारित की जाएगी, जिसमें इस योजना के तहत काम स्थगित रहेंगे। इससे किसानों को बुवाई व कटाई के लिए पर्याप्त मजदूर मिल सकेंगे और कृषि कार्य प्रभावित नहीं होंगे।

तकनीक, पारदर्शिता और AI का होगा उपयोग

बैठक में अधिकारियों को तकनीकी प्रक्रियाओं से रूबरू कराया गया:

फेस रीडिंग व बायोमेट्रिक: श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)', 'फेस रीडिंग' और 'बायोमेट्रिक' तकनीकों का उपयोग होगा।

पीएम गतिशक्ति व GIS पोर्टल: कार्यों में दोहराव (डुप्लीकेसी) रोकने के लिए जीआईएस (GIS) आधारित मैपिंग और 'पीएम गतिशक्ति पोर्टल' का इस्तेमाल किया जाएगा।

जल संरक्षण और दीर्घकालिक विकास को प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ग्राम पंचायतों की स्थानीय जरूरतों को देखते हुए दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका संवर्धन और जलवायु अनुकूल कार्यों को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में उपायुक्त मनरेगा श्री रामायण सिंह यादव, परियोजना निदेशक डीआरडीए श्रीमती रेणु कुमारी, समस्त खंड विकास अधिकारी (BDO), ग्राम सचिव, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सेवक और भारी संख्या में ग्राम प्रधान व पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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