जब तिरंगे के साथ कदम से कदम मिला कर चलीं महिलाएँ: आगरा छावनी में गूँजा अंत्योदय से विकसित भारत का संदेश
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आगरा छावनी विधानसभा में राष्ट्रभक्ति, एकता और सामाजिक भागीदारी की एक सुंदर तस्वीर देखने को मिली। ज्योति सिंह (ज्योति दीदी) के नेतृत्व में विभिन्न वार्डों से आई महिलाओं, बालिकाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों ने तिरंगा यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

हाथों में तिरंगा और मन में देश के प्रति गर्व के साथ निकली यह यात्रा केवल एक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि समुदाय की एकता, महिलाओं की भागीदारी और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना का जीवंत संदेश बनी।
इस अवसर पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर को माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। संविधान के मूल्यों—समानता, न्याय, सम्मान और भाईचारे—को याद करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया गया।
अपने संबोधन में ज्योति दीदी ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी पूरा होता है, जब विकास का अवसर समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। उन्होंने अंत्योदय, नारी शक्ति, बालिका शिक्षा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और युवाओं की भागीदारी को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि विकसित भारत 2047 केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि हमारी पूरी पीढ़ी की साझा जिम्मेदारी है। शिक्षा, कौशल, तकनीक और सकारात्मक सोच के साथ युवा राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
ज्योति दीदी ने आयुष्मान भारत सहित जनकल्याणकारी योजनाओं, बालिकाओं की शिक्षा और कौशल विकास के अवसरों को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि अंत्योदय केवल किसी योजना का लाभ पहुँचाना नहीं, बल्कि हर व्यक्ति को सम्मान और अवसर के साथ विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
कार्यक्रम में विभिन्न वार्डों से आई महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से दिखाई दी। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मिठाई वितरण और वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान के साथ पूरा आयोजन आत्मीयता और उत्साह से भरा रहा।
आगरा छावनी को अपनी जन्मस्थली और कर्मस्थली मानने वाली ज्योति दीदी का स्थानीय समुदायों के साथ वर्षों से गहरा जमीनी जुड़ाव रहा है। उनके लिए सामाजिक बदलाव केवल कार्यक्रमों तक सीमित नहीं, बल्कि लोगों के बीच रहकर उनकी जरूरतों को समझने, उन्हें अवसरों से जोड़ने और सम्मान के साथ आगे बढ़ने में साथ देने की निरंतर यात्रा है।
ज्योति दीदी ने कहा—
“जब अलग-अलग वार्डों से आई महिलाएँ, बच्चे, युवा और वरिष्ठ नागरिक एक ही तिरंगे के नीचे एक साथ खड़े होते हैं, तो यह केवल राष्ट्रभक्ति नहीं, बल्कि हमारे लोकतंत्र की ताकत और सामाजिक एकता की खूबसूरत तस्वीर होती है।”
अंत्योदय से विकसित भारत—यही संकल्प, यही दिशा। 🇮🇳
जय हिंद! जय भारत!