आगरा कॉलेज में मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस: पद्मश्री डॉ. डी. के. हाजरा ने किया ध्वजारोहण, कॉलेज को 'विश्वविद्यालय' का दर्जा देने की उठी मांग

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आगरा कॉलेज में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति के साथ मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने की, जबकि संचालन हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. प्रो. सुनीता घोष ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध चिकित्सक एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ. डी. के. हाजरा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य प्रो. विपिन कुमार सिंह उपस्थित रहे।

एनसीसी और एयर विंग ने दी सलामी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हुईं

  • ध्वजारोहण: मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. डी. के. हाजरा और प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराया, जिसके बाद राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ।

  • परेड सलामी: आगरा कॉलेज की एनसीसी (बॉयज एवं गर्ल्स) कैडेट्स तथा एयर विंग ने अनुशासित और प्रभावशाली ढंग से राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।

  • सांस्कृतिक कार्यक्रम: गंगाधर शास्त्री भवन में आयोजित मुख्य समारोह में छात्र-छात्राओं ने देशभक्ति से ओत-प्रोत नृत्य, गीत, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। संगीत विभाग, एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थियों के कार्यक्रमों ने समां बांध दिया।

आगरा कॉलेज को मिले 'विश्वविद्यालय' का दर्जा: पद्मश्री डॉ. डी. हाजरा

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. डी. के. हाजरा ने कॉलेज की ऐतिहासिक विरासत की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्थान में परंपरागत मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा का बेहतरीन समन्वय दिखता है।

डॉ. हाजरा ने आगरा कॉलेज की ऐतिहासिक, शैक्षणिक और सामाजिक भूमिका को रेखांकित करते हुए जोर दिया कि इस संस्थान को 'विश्वविद्यालय' का दर्जा मिलना चाहिए, क्योंकि इसमें एक विश्वविद्यालय के रूप में विकसित होने की पूर्ण क्षमता और संभावनाएं मौजूद हैं।

प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम: 'कर्तव्य पालन और डिजिटल आधुनिकीकरण पर जोर'

प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हमें अधिकारों से पहले अपने कर्तव्यों के पालन की भावना विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लगभग दो शताब्दियों की यात्रा के बाद भी कॉलेज ने अपनी शैक्षणिक गरिमा को बनाए रखा है।

प्राचार्य ने कॉलेज के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया:

प्रवेश प्रक्रिया के आधुनिकीकरण, डिजिटल माध्यमों के विस्तार और तकनीक आधारित शैक्षणिक व्यवस्थाओं पर विशेष काम हो रहा है।

शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करना है।

गंगाधर शास्त्री भवन के पुनर्निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे विरासत को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक जरूरतें पूरी की जा सकें।

कार्यक्रम के अंत में 'वंदे मातरम्' का सामूहिक गायन हुआ और विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर उप प्राचार्य प्रो. पी. बी. झा, प्रो. गौरव कौशिक, प्रो. रीता निगम सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, एनसीसी-एनएसएस कैडेट्स और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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