स्वतंत्रता दिवस 2026: पीएम मोदी ने लाल किले की प्राचीर से किए 5 बड़े ऐतिहासिक ऐलान, जानिए भाषण की 10 सबसे प्रमुख बातें
देश के 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर राजधानी दिल्ली स्थित लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र को संबोधित किया। 73 मिनट के इस ऐतिहासिक भाषण में उन्होंने वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए 'शक्ति की सप्तधारा' का विजन देश के सामने रखा।
मोदी ने स्पष्ट किया कि जो कार्य पिछले पांच दशकों में अधूरे रह गए, उन्हें अगले पांच से छह वर्षों में पूरा किया जाएगा। उन्होंने युवाओं, तकनीक, रक्षा और कृषि क्षेत्र को केंद्र में रखते हुए देश के सर्वांगीण विकास का पूरा रोडमैप पेश किया।
: सरकार का मुख्य जोर अगले एक साल में 1 करोड़ युवाओं को एआई ट्रेनिंग देने, सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने पर रहेगा।
नई दिल्ली (TNF Today)। भारत के ८०वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से देशवासियों को संबोधित करते हुए भारत की नई विकास यात्रा का संकल्प व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सात प्रमुख शक्तियां (सप्तधारा) भारत को आने वाले समय में नई ऊंचाइयों पर लेकर जाएंगी।
भारत की प्रगति के सात मुख्य स्तंभ ('शक्ति की सप्तधारा')

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में देश के विकास को गति देने वाले सात आधारभूत क्षेत्रों को चिन्हित किया:
उत्पादन शक्ति: भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Global Supply Chain) का एक विश्वसनीय और मजबूत केंद्र बनाना।
कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण: खाद्य सुरक्षा के साथ-साथ कृषि उत्पादकता में वृद्धि और वैल्यू एडिशन पर ध्यान देना।
प्रौद्योगिकी एवं नवाचार: हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से शहरों को जोड़ना और भारत को तकनीक का नया ग्लोबल हब बनाना।
रक्षा शक्ति: केवल घरेलू जरूरतों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए रक्षा उपकरणों और उन्नत तकनीक का निर्माण करना।
हरित व नीली अर्थव्यवस्था: पीएम ने कहा कि हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्री संसाधनों के दम पर भारत आत्मनिर्भर बनेगा।
सॉफ्ट पावर: भारतीय संस्कृति, योग और जीवन मूल्यों के माध्यम से पूरी दुनिया को जोड़ना।
गतिशक्ति: देश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का तीव्र गति से आधुनिकीकरण करना।
लाल किले से 5 बड़े ऐतिहासिक ऐलान
युवाओं के लिए एआई ट्रेनिंग: अगले एक वर्ष के भीतर देश के १ करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा।
मुफ्त कोचिंग सुविधा: गरीब और मध्यम वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निशुल्क कोचिंग व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
खेल प्रतिभा खोज: अगले १५ वर्षों के विजन के तहत देश भर में खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
परमाणु ऊर्जा का विस्तार: देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अगले एक दशक में ५ नए परमाणु संयंत्र स्थापित किए जाएंगे।
सेमीकंडक्टर हब: इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र में मजबूती के लिए अगले 5 से 8 वर्षों में देश में 5 नए सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू होंगे।
भाषण के अन्य प्रमुख बिंदु
नशामुक्त अभियान: प्रधानमंत्री ने देश के युवाओं को नशा मुक्त करने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय अभियान में शामिल होने का आह्वान किया।
आपदा प्रबंधन और तकनीक: प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए ड्रोन प्रणाली और हाइपरसोनिक तकनीक जैसी उन्नत क्षमताओं के इस्तेमाल पर जोर दिया।
राजनीति में महिला सहभागिता: सभी राजनीतिक दलों से अपील की गई कि वे महिलाओं को राजनीति और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में अधिक प्रतिनिधित्व दें।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन ने साफ कर दिया है कि आने वाले वर्षों में भारत अपने तकनीकी, आर्थिक और सामाजिक मोर्चे पर नई दिशा में कदम बढ़ाने के लिए पूरी तरह तैयार है।