'वंदे मातरम' को बीच में रोकने का आदेश या महज एक अफवाह? स्वतंत्रता दिवस के बाद अचानक क्यों गरमाई देश की सियासत!

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देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस का जश्न अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय से सामने आए एक वीडियो ने राष्ट्रीय राजनीति में भूचाल ला दिया है। मामला राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के गायन के दौरान कथित तौर पर उसे रोकने या बीच में टोकने से जुड़ा है, जिसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। इस विवाद ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है, जिस पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी कड़ा रुख अपनाया है।

आखिर क्या है पूरा विवाद?

बीती 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के कुछ दृश्य सोशल मीडिया और टीवी चैनलों पर प्रसारित हुए। इन दृश्यों में आरोप लगाया गया कि जब राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' का गायन चल रहा था, तब पार्टी की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने कथित तौर पर इसे रोकने का इशारा किया। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि शुरुआती कुछ पंक्तियां गाने के बाद ही इसे बीच में रोकने की कोशिश की गई, जो राष्ट्रगीत और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग का अपमान है।

अमित शाह का तीखा प्रहार: "देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी"

राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पार्टी और सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोला।

बेशर्मी और वोट बैंक की राजनीति: शाह ने कांग्रेस के इस आचरण को आड़े हाथों लेते हुए इसे "उनकी बेशर्मी" करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी अपनी "वोट बैंक की राजनीति" के कारण राष्ट्रीय प्रतीकों और राष्ट्रगीत को नजरअंदाज कर रही है।

सोनिया गांधी को सीधी चेतावनी: गृह मंत्री ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोगों ने टीवी के माध्यम से इस घटना को लाइव देखा है। उन्होंने कहा, "सोनिया जी, आपने जो किया है, उसे इस देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी।"

माफी की मांग: शाह ने कहा कि यदि कांग्रेस में थोड़ी सी भी शर्मिंदगी बची है, तो उसे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर आत्मा और भारत की जनता से हाथ जोड़कर सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने बंकिम चंद्र जी की रचना 'वंदे मातरम' के इतिहास को याद करते हुए कहा कि इसी गीत ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने वाले लाखों स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी और गोलियों का सामना करने की प्रेरणा दी थी।

बंकिम चंद्र के वंशज की भी आई प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम के बीच, राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रत्यक्ष वंशज और भाजपा विधायक सुमित्रो चटर्जी ने भी सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय में हुए इस घटनाक्रम पर अपनी गहरी पीड़ा व्यक्त करते हुए भारत के नागरिकों और विशेषकर पश्चिम बंगाल की जनता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।

कांग्रेस ने आरोपों को किया सिरे से खारिज

दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने भाजपा के इन सभी दावों और आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

पार्टी का पक्ष है कि सोनिया गांधी के हाव-भाव या उनकी बातचीत का 'वंदे मातरम' के गायन को रोकने से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं था।

कांग्रेस के स्पष्टीकरण के मुताबिक, सोनिया गांधी केवल यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही थीं कि कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रगीत के गायन और उसकी व्यवस्थाओं का समन्वय ठीक प्रकार से हो सके।

बहरहाल, एक तरफ जहां भाजपा इसे राष्ट्रगीत के अपमान का बड़ा मुद्दा बना रही है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक एजेंडा बताकर खारिज कर रही है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।

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