यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ आंवलखेड़ा में हुंकार, क्षत्रिय समाज निकालेगा 1सितंबर को कुलदेवी मंदिर से तहसील के लिए मार्च
एत्मादपुर (आगरा): विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रस्तावित नियमों के विरोध में क्षत्रिय समाज पूरी तरह लामबंद हो गया है। आगरा के आंवलखेड़ा स्थित श्री बाके विहारी फार्म हॉउस में समाज की एक महाबैठक आयोजित की गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर यूजीसी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया और नियमों को तुरंत वापस लेने की मांग की।
चरणबद्ध आंदोलन और तहसील मार्च का ऐलान
बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक सरकार और यूजीसी इन विवादित नियमों को वापस नहीं लेते, तब तक उनका आंदोलन थमने वाला नहीं है। अपनी आवाज बुलंद करने और मांगों को मनवाने के लिए क्षत्रिय समाज ने क्षेत्र में एक विशाल बाइक मार्च निकालने का ऐलान किया है। समाज के पदाधिकारियों ने संकल्प लिया कि इस लड़ाई को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का संचालन मयंक परमार, हुकुम सिंह चाहर और वीरेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से किया। आंदोलन की रणनीति तैयार करने के लिए आयोजित इस बैठक में शिवराज सिंह परमार, पूर्व प्रधान आज की सभा के आयोजन गजेंद्र परमार मयंक परमार गौरव राघव पंकज चौहान और क्षेत्र के सभी युवा साथीमुन्नालाल, अंशुमान शास्त्री, गजेंद्र सिंह परमार, सरपंच मुकेश, पूर्व प्रधान बंटी चौहान, पूर्व प्रधान बालाजी, कौशलेंद्र सिंह, लाल कुमार, रामू परमार, शीशपाल मास्टर, गुरदयाल सिंह और रामेश्वर धाकरे, अंशुमन ठाकुर सहित समाज के कई गणमान्य लोग और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।बैठक के अंत में वक्ताओं ने सभी से एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि क्षत्रिय समाज अपने अधिकारों के लिए हमेशा शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से लड़ता रहेगा। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं और आम जनता से इस बाइक मार्च और आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है।