मोदी v/s राहुल: अब सोशल मीडिया पोल से छिड़ी खुली बहस की जंग!
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच सियासी टकराव अब खुली बहस की चुनौती तक पहुंच गया है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को आमने-सामने चर्चा के लिए ललकारने के बाद अब इस मुद्दे पर जनता की राय भी मांगी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोल साझा करते हुए लोगों से पूछा कि क्या वे दोनों नेताओं के बीच खुली बहस देखना चाहते हैं।
राहुल गांधी ने अपने पोल में दो विकल्प रखे। पहला- 'हां, मोदी जी, डरो मत' और दूसरा- 'नहीं, मोदी जी, डर गए।' इस सवाल के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री पर राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश की। साथ ही बहस के मुद्दे को आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया।
भाजपा के दिग्गज नेताओं को भी किया टैग
राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी टैग किया। उन्होंने इन नेताओं से प्रधानमंत्री को बहस के लिए तैयार करने की अपील की।राहुल ने अपनी पोस्ट में कहा कि ये सभी नेता प्रधानमंत्री का भला चाहते हैं, इसलिए उन्हें खुली बहस में शामिल होने के लिए मना लें। इस तरह राहुल ने सीधे प्रधानमंत्री को चुनौती देने के साथ भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को भी इस राजनीतिक बहस में खींच लिया।
24 घंटे बाद भी जवाब नहीं मिलने का दावा
इससे पहले राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि प्रधानमंत्री को खुली बहस की चुनौती दिए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।वीडियो में राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष को देश विरोधी बताते हैं, इसलिए उन्हें किसी भी मंच पर आमने-सामने बैठकर चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने विदेशी ताकतों से कथित संबंधों और देशविरोधी गतिविधियों के आरोपों पर भी सवाल उठाए। राहुल का कहना था कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि वास्तव में विदेशी ताकतों से किसके संबंध हैं और उनका स्वरूप क्या है।
नेशनल यूनिटी डे के भाषण से शुरू हुआ विवाद
इस राजनीतिक खींचतान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेशनल यूनिटी डे के संबोधन के बाद हुई। अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वह रचनात्मक भूमिका निभाने के बजाय विकास कार्यों में बाधा डालने का काम कर रहा है।मोदी ने विपक्ष को 'अवरोध पक्ष' करार देते हुए कहा था कि देश की प्रगति के रास्ते में रुकावटें पैदा की जा रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर झूठ और अफवाहें फैलाने तथा देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों पर भी चिंता जताई थी।इसके बाद राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर विदेशी मदद के सहारे सत्ता तक पहुंचने का आरोप लगाते हुए खुली बहस की चुनौती दी थी। अब सोशल मीडिया पोल के जरिए उन्होंने इस मुद्दे को एक नए राजनीतिक मोड़ पर ला दिया है।