रिलीज से पहले ही विवादों में घिरी 'रामायण', 4000 करोड़ की फिल्म पर हाईकोर्ट का बड़ा एक्शन!

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मुंबई। बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'रामायण' सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है, लेकिन रिलीज से पहले ही फिल्म कई विवादों और कानूनी उलझनों के चलते सुर्खियों में आ गई है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लेकर जहां इसके संगीत, कलाकारों की वेशभूषा और विजुअल इफेक्ट्स पर सवाल उठे, वहीं फिल्म की स्क्रिप्ट और बौद्धिक संपदा के अधिकारों को लेकर मामला अदालत तक पहुंच गया।

फिल्म का पहला भाग 'रामायण: राइज ऑफ ए लेजेंड' गुरुवार, 5 नवंबर को रिलीज हो रहा है। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। निर्माता कंपनी प्राइम फोकस स्टूडियोज के अनुसार, फिल्म हिंदी सहित छह भाषाओं में प्रदर्शित की जाएगी। 27 अक्टूबर को लॉस एंजिलिस स्थित एकेडमी म्यूजियम ऑफ मोशन पिक्चर्स में इसका प्रीमियर भी आयोजित किया गया था।

कॉपीराइट को लेकर अदालत पहुंचा मामला

फिल्म की रिलीज से पहले इसके अधिकारों को लेकर कानूनी विवाद सामने आया। मई 2024 में अल्लू मंटेना मीडिया वेंचर्स एलएलपी ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर फिल्म की स्क्रिप्ट और अन्य संबंधित सामग्री पर अपना अधिकार जताया था। कंपनी का आरोप था कि निर्धारित भुगतान नहीं होने के कारण प्राइम फोकस टेक्नोलॉजीज के साथ हुआ अधिकार हस्तांतरण का समझौता प्रभावी नहीं हुआ। हालांकि, 19 अप्रैल 2024 के समझौते का हवाला देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश में दर्ज किया गया कि प्राइम फोकस टेक्नोलॉजीज ने अल्लू मंटेना मीडिया वेंचर्स से 'प्रोजेक्ट रामायण' के अधिकार प्राप्त किए थे।

फैंटम स्टूडियोज को नहीं मिली अंतरिम राहत

फैंटम स्टूडियोज की ओर से दायर एक अन्य याचिका में समझौते की उस शर्त से राहत मांगी गई थी, जिसके तहत संबंधित पक्षों को दिवाली 2027 तक राम, सीता, लक्ष्मण, रावण और हनुमान जैसे पात्रों को केंद्र में रखकर कोई फिल्म या अन्य प्रोजेक्ट बनाने से प्रतिबंधित किया गया था।अदालत ने फैंटम स्टूडियोज की अंतरिम राहत की मांग खारिज कर दी। कोर्ट का कहना था कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई लिखित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाया, जिससे यह साबित हो सके कि उसे उक्त प्रतिबंध से छूट दी गई थी। हालांकि, मामले से जुड़े अन्य दावों और कानूनी पहलुओं पर मध्यस्थता के दौरान विचार किया जा सकेगा।

पाइरेसी रोकने के लिए हाईकोर्ट का सख्त आदेश

फिल्म की रिलीज से ठीक पहले 2 नवंबर को बॉम्बे हाईकोर्ट ने बिना अनुमति फिल्म की रिकॉर्डिंग, अपलोडिंग और ऑनलाइन प्रसारण पर रोक लगाने के लिए अंतरिम आदेश जारी किया। यह कार्रवाई गॉडपावर मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की याचिका पर हुई, जिसने फिल्म के कॉपीराइट और इस्तेमाल से जुड़े अधिकार अपने पास होने का दावा किया था।याचिकाकर्ता के मुताबिक, विशेष आयोजनों में प्रदर्शित फिल्म के ट्रेलर के कुछ हिस्सों को चोरी-छिपे रिकॉर्ड कर इंटरनेट पर साझा किया जा चुका था। इसके बाद अदालत ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को निर्देश दिया कि शिकायत मिलने पर ऐसे कंटेंट और लिंक को हटाया जाए या उनकी पहुंच प्रतिबंधित की जाए।

4000 करोड़ रुपये का मेगा प्रोजेक्ट

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि फिल्म के पहले भाग पर लगभग 2,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, इसके दोनों भागों का कुल बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये बताया गया। इतने बड़े बजट और भव्य निर्माण के चलते 'रामायण' पहले ही चर्चा में है, लेकिन अब रिलीज से पहले सामने आए कानूनी विवादों ने भी इस मेगा प्रोजेक्ट को सुर्खियों में ला दिया है।

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