- विधिक सेवा से परिवार परामर्श तक समाजशिल्पी प्रतिभा जिंदल के प्रभावी कार्यों की कहानी
- 4 जब टूटने की कगार पर पहुंचे रिश्ते तब काउंसलर प्रतिभा जिंदल ने बचाए सैकड़ों परिवार
- 5 नारी सशक्तिकरण का अनोखा चेहरा वैचारिक जागृति के साथ समाज जोड़तीं प्रतिभा जिंदल
समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और टूटते हुए रिश्तों को दोबारा विश्वास की डोर से बांधना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य होता है। आगरा की प्रख्यात समाजसेविका प्रतिभा जिंदल एक ऐसा ही प्ररेणादायी नाम हैं जिन्होंने न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है बल्कि समाज को वैचारिक रूप से जागरूक करने में भी अपना जीवन समर्पित कर दिया है। वैचारिक जागरण मिशन ट्रस्ट की संस्थापक अध्यक्ष के रूप में वे लगातार जमीनी स्तर पर सेवा कार्य कर रही हैं। प्रतिभा जिंदल जी का सबसे प्रभावी और सराहनीय कार्य पुलिस लाइन आगरा के परिवार परामर्श केंद्र में बतौर काउंसलर के रूप में देखा जा सकता है। आज के समय में जब छोटी छोटी गलतफहमियों और मानसिक तनाव के कारण परिवार बिखर रहे हैं तब प्रतिभा जिंदल अपनी अद्भुत सूझबूझ और संवेदनशील काउंसलिंग के जरिए घरेलू विवादों का शांतिपूर्ण निपटारा कराती हैं। वे दोनों पक्षों की बातों को बेहद धैर्य से सुनती हैं और उनके बीच की कड़वाहट को दूर कर दांपत्य जीवन को दोबारा सुखद और मधुर बनाती हैं। उनके इस प्रयास से आज सैकड़ों परिवार टूटने से बच चुके हैं और घरों में फिर से खुशहाली लौट आई है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में विधिक सेवा
पारिवारिक परामर्श के साथ ही वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पैरा लीगल वालंटियर के रूप में भी अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस जिम्मेदारी के माध्यम से वे समाज के गरीब और वंचित वर्ग की महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करती हैं। वे कोर्ट कचहरी के चक्करों में फंसी असहाय महिलाओं को सही कानूनी मार्गदर्शन देती हैं ताकि उन्हें बिना किसी परेशानी के त्वरित और उचित न्याय मिल सके। कानून और सामाजिक संवेदना का यह अनूठा संगम उनके काम को बेहद प्रभावी बनाता है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का मिशन
प्रतिभा जिंदल का दृढ़ विश्वास है कि एक आत्मनिर्भर महिला ही एक मजबूत परिवार और समाज का आधार होती है। इसी सोच के साथ वे वर्ष 2015 से लगातार महिलाओं के लिए सिलाई कडाई हस्तकला और कुकिंग के निशुल्क प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही हैं। उन्होंने सेंट जॉन्स कॉलेज आगरा से अंग्रेजी और इतिहास में परास्नातक की शिक्षा प्राप्त की है और अपनी इस उच्च शिक्षा का उपयोग वे समाज के कल्याण में कर रही हैं। उन्होंने हस्तकला प्रदर्शनियों के माध्यम से सैकड़ों महिलाओं को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए हैं।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान और सेवा कार्य
वे समाज की गंभीर कुरीतियों पर प्रहार करने से कभी पीछे नहीं हटती हैं। सामाजिक विसंगतियों पर आधारित उनकी पुस्तक प्रहार समाज को एक नई चेतना प्रदान करती है। इसके साथ ही उन्होंने स्कूलों और बस्तियों में जाकर बच्चियों को गुड टच और बैड टच के प्रति जागरूक करने का एक बहुत ब?ा अभियान चलाया है। कोरोना महामारी के भीषण संकट के दौरान भी उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना अग्रवाल महासभा के साथ मिलकर क्षेत्रीय थानों और मलिन बस्तियों में हजारों भोजन पैकेट और राशन किट का वितरण किया था।
सम्मान और उपलब्धियां
उनके इन निस्वार्थ और प्रभावी सेवा कार्यों के लिए उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार तथा विभिन्न राष्ट्रीय मंचों द्वारा नारी सशक्तिकरण एवं कन्या बचाओ अवार्ड से नवाजा जा चुका है। इसके साथ ही उन्हें पंडित दीनदयाल शताब्दी पुरस्कार संपादक रत्न अवार्ड रियल सुपर वुमेन उपाधि और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कोरोना वॉरियर सम्मान सहित दर्जनों प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।





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