ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की खैर नहीं! 5 चालान पर लाइसेंस सस्पेंड, ई-रिक्शा मालिकों पर भी शिकंजा
आगरा। सड़क पर मनमानी करने वाले वाहन चालकों के लिए अब मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। आगरा मंडल में यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। एक साल में पांच से अधिक चालान होने पर वाहन स्वामियों को नोटिस जारी कर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कई ई-रिक्शा और बैटरी चालित ऑटो खरीदकर किराये पर चलवाने वाले मालिक भी पुलिस और परिवहन विभाग के रडार पर आ गए हैं।शुक्रवार को मंडलायुक्त नगेन्द्र प्रताप की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें डीआईजी शैलेश कुमार पाण्डेय समेत पुलिस, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सड़क हादसों, यातायात नियमों के उल्लंघन और एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
पांच चालान हुए तो लाइसेंस पर लटकेगी तलवार
बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पिछले एक वर्ष में पांच से अधिक चालान वाले वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किया जाए और नियमानुसार ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की जाए। अप्रैल से सितंबर तक मंडल में यातायात नियमों के उल्लंघन पर कुल 520 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं।समीक्षा में सामने आया कि वर्ष 2024-25 के मुकाबले 2025-26 में आगरा और फिरोजाबाद में हेलमेट नहीं पहनने, मोबाइल फोन के इस्तेमाल और नशे में वाहन चलाने के मामलों में चालान घटे हैं। हालांकि, सीट बेल्ट नहीं लगाने और गलत दिशा में वाहन चलाने के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। मथुरा में लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई कम होने पर ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
ई-रिक्शा के नाम पर कारोबार करने वाले मालिक भी निशाने पर
शहरों में ई-रिक्शा और बैटरी चालित ऑटो की बढ़ती संख्या से जाम की समस्या पर भी बैठक में चिंता जताई गई। डीआईजी ने ऐसे वाहन स्वामियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए, जो बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खरीदकर अलग-अलग रूटों पर किराये से चलवा रहे हैं।निर्देश दिए गए कि केवल वैध लाइसेंसधारी चालक ही इन वाहनों को चलाएं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित वाहन मालिक के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया जाए। इसके लिए पुलिस और परिवहन विभाग संयुक्त कार्ययोजना तैयार करेंगे।
कोहरे में एक्सप्रेसवे पर घटेगी रफ्तार, बढ़ेंगे सुरक्षा इंतजाम
सर्दियों में कोहरे के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर विशेष इंतजाम किए जाएंगे। मंडलायुक्त ने यीडा और यूपीडा के अधिकारियों को सुरक्षा संबंधी कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।आगरा मंडल के चारों जिलों में कुल 134 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन दुर्घटना संभावित स्थानों पर अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधार कार्य कराए जाने हैं। मंडलायुक्त ने लोक निर्माण विभाग से सभी स्थानों पर चल रहे कार्यों की प्रगति और उन्हें पूरा करने की समयसीमा मांगी है।
ओवरलोड और ओवरस्पीड वाहनों पर भी होगी कार्रवाई
बैठक में जाजऊ और कौरई समेत मथुरा के टोल प्लाजा से ओवरलोड और ओवरस्पीड वाहनों का अपेक्षित डाटा नहीं मिलने का मुद्दा उठा। डीआईजी ने निगरानी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। ओवरलोडिंग और अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
स्कूल वाहनों की होगी जांच, बच्चों की सुरक्षा पर जोर
स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए विद्यालय परिवहन सुरक्षा समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए गए। समितियां स्कूल वाहनों के दस्तावेज, चालकों के लाइसेंस और वाहनों की तकनीकी स्थिति की जांच करेंगी। खंड शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों में नियमित बैठकें कराने और अनुपालन रिपोर्ट उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
हादसे के घायलों को कैशलेस इलाज दिलाने की तैयारी
सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के लिए कैशलेस इलाज योजना के दायरे को बढ़ाने पर जोर दिया गया। आगरा और मैनपुरी में इस योजना से जुड़े अस्पतालों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए। प्रमुख मार्गों के आसपास अस्पताल चिह्नित कर उनकी सूची संबंधित थानों और पुलिस चौकियों को उपलब्ध कराई जाएगी।वहीं, हिट एंड रन दुर्घटना पीड़ितों की मुआवजा योजना का फिरोजाबाद और मैनपुरी में प्रचार-प्रसार बढ़ाने को कहा गया। पुलिस और परिवहन विभाग को गूगल शीट तथा आई-रेड एप पर दुर्घटनाओं का डाटा अपडेट करने और आंकड़ों में अंतर दूर करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में साफ किया गया कि सड़क सुरक्षा के लिए केवल चालान काटना काफी नहीं है। दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमों का पालन, सुरक्षित सड़कें, बेहतर निगरानी और घायलों को समय पर इलाज उपलब्ध कराना भी उतना ही जरूरी है।