अधिवक्ताओं ने अर्धनग्न होकर ई रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में किया जोरदार प्रदर्शन, सड़क को किया जाम
खेरागढ़
ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील खेरागढ़ के अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने तहसील के सामने अर्धनग्न होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सड़क पर ही एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने करीब आधे घंटे तक सड़क जाम रखी, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बतादें कि बीते 12 दिनों से तहसील खेरागढ़ के समस्त अधिवक्ता, स्टांप वेंडर, दस्तावेज लेखक, टाइपिस्ट सहित अन्य संबंधित लोग कलमबंद हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते तहसील में विभिन्न कार्यों के लिए आने वाले लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। तहसील के अधिकांश कार्यालय एवं न्यायालय सुनसान पड़े हैं।वहीं निबंधन कार्यालय में अधिवक्ताओं द्वारा लगातार तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक सरकार ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अध्यक्ष हरिओम सिकरवार,कोषाध्यक्ष सुधीर शर्मा,सचिव रामवीर सिकरवार,इंद्रजीत सिकरवार रघुराज तोमर,सुरेश पाठक,अशोक शर्मा,रोशनलाल कुशवाह,भरत सिंह राजपूत, राघवेंद्र तोमर, रामप्रकाश गालव,कोमल सिंह,भूपेंद्र दीक्षित,हरिशंकर मुद्शगल,सुरेंद्र लवानियां, मनोज,शत्रुघ्न सिंह,ललित सिकरवार, टाइपिस्ट ओमदत्त राजपूत,रघुवीर सिंह सहित स्टाम्प वेंडर, दस्तावेज लेखक,मुंशी चक्का जाम में शामिल रहे
खेरागढ़
ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में तहसील खेरागढ़ के अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार उग्र होता जा रहा है। बृहस्पतिवार को अधिवक्ताओं ने तहसील के सामने अर्धनग्न होकर जोरदार प्रदर्शन किया और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सड़क पर ही एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
इस दौरान अधिवक्ताओं ने करीब आधे घंटे तक सड़क जाम रखी, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बतादें कि बीते 12 दिनों से तहसील खेरागढ़ के समस्त अधिवक्ता, स्टांप वेंडर, दस्तावेज लेखक, टाइपिस्ट सहित अन्य संबंधित लोग कलमबंद हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते तहसील में विभिन्न कार्यों के लिए आने वाले लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ रहा है। तहसील के अधिकांश कार्यालय एवं न्यायालय सुनसान पड़े हैं।वहीं निबंधन कार्यालय में अधिवक्ताओं द्वारा लगातार तालाबंदी कर धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक सरकार ई-रजिस्ट्री व्यवस्था को वापस नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। अध्यक्ष हरिओम सिकरवार,कोषाध्यक्ष सुधीर शर्मा,सचिव रामवीर सिकरवार,इंद्रजीत सिकरवार रघुराज तोमर,सुरेश पाठक,अशोक शर्मा,रोशनलाल कुशवाह,भरत सिंह राजपूत, राघवेंद्र तोमर, रामप्रकाश गालव,कोमल सिंह,भूपेंद्र दीक्षित,हरिशंकर मुद्शगल,सुरेंद्र लवानियां, मनोज तोमर,शत्रुघ्न सिंह,ललित सिकरवार, टाइपिस्ट ओमदत्त राजपूत,रघुवीर सिंह सहित स्टाम्प वेंडर, दस्तावेज लेखक,मुंशी चक्का जाम में शामिल रहे